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Dr. Anu Somayajula

Children

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Dr. Anu Somayajula

Children

माँ, देख आसमान में कोई बालक रोता है

माँ, देख आसमान में कोई बालक रोता है

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   माँ, देख आसमान में कोई बालक रोता है।


   चोट लगी है शायद उसको,

   या फिर

   वह भूखा है

   रुक – रुक कर, चुप हो कर

   फिर – फिर जो रिरियाता है !

   माँ देख, आसमान में कोई बालक रोता है।


   डरता होगा मुझ सा ही,

   बादल में

   बजते डमरू से

   फिर क्यों न वह भी

   जा अम्मा के आंचल में छिप जाता है!

   माँ देख, आसमान में कोई बालक रोता है।


   झटका तो न खाया होगा उसने

   बिजली की

   कड़कती तारों का !

   पर क्यों न दौड़ा – दौड़ा

   वह चंदा मामा के घर जाता है !!

   माँ देख, आसमान में कोई बालक रोता है।

                     



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