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Manmeet Arora

Drama Inspirational

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Manmeet Arora

Drama Inspirational

लम्हा

लम्हा

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हर उस वक़्त की ख्वाहिशों में,

लम्हा यूँ बुना-सा है,

की हर काफिरों की बस्ती में,

शामिल कोई अपना-सा है।


डर लगता है किसी मोड़ पे,

मिल ना जाए कोई यूँ,

की फिर बन जाए उस,

टकरार में अधूरा लम्हा यूँ।


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