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रिपुदमन झा "पिनाकी"

Drama Classics Inspirational

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रिपुदमन झा "पिनाकी"

Drama Classics Inspirational

दे दो मां वरदान

दे दो मां वरदान

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शक्ति स्वरुपा हे नवदुर्गा करो जगत कल्याण।

सुखी रहे सब जन इस जग में दे दो ये वरदान।।


लोभ मोह मद दंभ मिटा दो खत्म करो सब द्वेष।

शांति और समृद्धि व्याप्त हो दूर करो सब क्लेश।।


सबके मन में दया धर्म हो परोपकार सद्भाव।

मधुर वाणी हो भाव शुद्ध हो और हो सरल स्वभाव।।


दुख दारिद्र्य मिटाओ जग के दूर करो सब व्याध।

रहे निरोगी स्वस्थ देह दो हर लो रोग असाध।।


आदर हो हर मन में सबका स्त्री का हो सम्मान।

मां इतना उपकार करो कि विश्व करे गुणगान।।


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