STORYMIRROR

Bhawna Kukreti Pandey

Abstract Drama Inspirational

4  

Bhawna Kukreti Pandey

Abstract Drama Inspirational

गमले में केले का पेड़

गमले में केले का पेड़

1 min
483

वो रुक कर कहता है

तुम्हारे मुहल्ले की

कुछ संस्कारी औरतें 


गमले में 

विधि विधान से

केले की पौध ला

रोपती है।


उसे रोज पूजती है

श्रद्धा से सींचती है और 

रखती है गुरूवार के व्रत 

मनाते हुए कि हो उसके 

अपने वंश की रक्षा,

और वृद्धि।

यहां तक चलो सब ठीक है


पर गमले में रोपे गए

पूजे गए उस केले का वंश

कहाँ तक बढ़ता है?

वो हंसता है और आगे बढ़ते कहता है।


मुझ अविश्वासी का अब कुछ 

और कहना जरूरी

नहीं है न !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract