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SUNIL JI GARG

Drama Fantasy Thriller

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SUNIL JI GARG

Drama Fantasy Thriller

लैब कोट में बम

लैब कोट में बम

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उसकी ड्यूटी थी रात की 

न्यूकलियर फिजिक्स लैब में 

लैब कोट पहना फिर उसने 

चल दिया ऑफिस की कैब में 


पहुँचा लैब, हुआ फेस स्कैन

स्वागत में खुला दरवाजा 

डेस्क पे जाकर आवाज आई 

डाटा सेंटर के अन्दर जा 


वहीँ पर उसको एक फ़ोन आया 

आवाज आई हाथ डालो जेब में 

एक चीज़ मिलेगी तुम्हें वहाँ 

देखो पड़ो न किसी फरेब में 


उसको बतलाया गया कि वो एक 

रिमोट है बड़े से बम का 

न्यूकलियर सेंटर पूरा उड़ेगा 

बदला है ये किसी तुम्हारे कर्म का 


अब वो पशोपेश में पड़ा बहुत 

माथा पसीने से हुआ तर 

माफ़ी मांगने लगा फिर वो 

गलती सुधारेगा जाकर भीतर 


उसने दरअसल गेम बनाया था 

जिसके लेवल थे बड़े जबरदस्त 

बच्चे दीवाने हो जाते थे उसके 

एटमबम चलाकर करते थे पस्त 


आवाज थी वो उसके ही मन की 

उसको डर का कारण आया समझ 

जल्दी से अपने डेस्क पर पहुँचा 

कोड बदलने लगा झटपट 


लैब कोट में उसके था रिमोट

जिससे चलती थी उसकी कार 

उस दिन वो ऐसा फंसा कि

अपनी आत्मा से गया हार 


साइंस फिक्शन की कहानी ये 

खुद में कुछ सन्देश छिपाए 

आपसे अगली बार मिलेंगे 

कुछ नया कहेंगे, बाय बाय।


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