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Harshad Molishree

Tragedy

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Harshad Molishree

Tragedy

कुछ ऐसी है वो....

कुछ ऐसी है वो....

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मेरे सबसे कमजोर हिस्से की कड़ी है वो

टूट गई बहार आने से पहले वो कली है वो

मेरी जिंदगी पलटने वाली वो बारिश

जिसमें तूफान जलजला बिजलियां खूब कड़की

मेरी जिंदगी पलटने वाली है वो

मुझे अपने से वाकिफ करवाया उसने

प्यार था उसका या क्या था पता नहीं

मगर मुझे मुझसे ही वाकिफ करवाया उसने

मुझे मुझसे बेहतर समझने वाली है वो

मेरे जिस्म से ले के रूह तक को जिसने पढ़ा

मेरे जिंदगी के हर बारीक लम्हे को जिसने छुआ

मेरे लम्हो को गुजारने वाली है वो

और आखिर मे जो उससे ना बन पड़ी वो शख्सियत हूँ मै

मुझे अपने खातिर बीच रास्ते पर छोड़ जाने वाली है वो...


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