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Ratna Kaul Bhardwaj

Tragedy

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Ratna Kaul Bhardwaj

Tragedy

कश्मीरी पंडित लाचार नहीं

कश्मीरी पंडित लाचार नहीं

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KASHMIRI HINDU HAS BEEN IGNORED, EXPLOITED, , USED FOR POLITICAL INTERESTS BY ALL THE GOVT'S ACROSS PLATFORMS.

FROM MY SIDE A SIMPLE MESSAGE TO MY COMMUNITY MEMBERS.

TOGETHER WE CAN DO IT!


वह दर्द जो था घर छोड़ने का

अब दर्द नहीं नासूर बन गया

हुक्मरान बहुत आए, बहुत गए

किसी ने कोई मलहम न लगाया

क्यों न हुकूमतों पर अब लात मारे

हमने खुद ही अपने रास्ते बनाए थे

मंजिलें मिल जायेंगी हमें बदस्तूर

गर हम मिलकर एक हो जायेंगे

छोड़कर अब खोखला अकड़पन

कुछ करने का वक्त आया है

अरे विस्थापित तो ही गए हैं

यह migrant tag हटाना है

विकल्प हमें खुद ढूंढने हैं

मां शारदे की हम संतानें है

हाथ थामे एक दूजे का

ज़लजले अब लाने है

हम परिपक्व हैं, शिक्षित हैं

मिलकर चलो इतिहास रचाए

कश्मीरी पंडित लाचार नहीं

अपनी पहचान दृढ़ बनाए

गलतफहमियों से अब बाहर निकलो

मत करो किसी से कोई उम्मीद

अपने ही देश में गैर हुए हो

33 साल से उड़ गई है नींद

जगाओ अब जवानों को

वे ही हमारी धरोहर है

भीख का कटोरा हमारी संस्कृति नहीं

कायरता विषैला जहर है

अपनी सभ्यता को जिंदा रखना

दायित्व है वह सबसे बड़ा

हमने ऊंचाइयों को गले लगाया

क्योंकि थामा हमने मेहनत का झंडा

जवानों में जोश भरना है

गर अपने अस्तित्व को बचाना है

ऊंची है संस्कृति हमारी, ऊंचा है आकार

थोड़े है हम! पर विकराल रूप धारण करना है.....


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