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सोनी गुप्ता

Abstract Romance

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सोनी गुप्ता

Abstract Romance

खूबसूरत प्यार

खूबसूरत प्यार

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हर दस्तक तोड़ देती है होंठों से चुप्पी तेरी पर बताती नहीं, 

हर सवाल का जवाब दे देती खामोशी तेरी पर बताती नहीं, 


लफ्ज़ों के बिना खामोशी के हर अल्फ़ाज़ अधूरे से लगते, 

और प्यार की वो कहानी मेरी और तेरी पूरी होती नहीं, 


तुम से ज्यादा इस जहां में कोई भी खूबसूरत नहीं मिला, 

इस जिंदगी में तुम्हारे सिवा हमें किसी की जरूरत नहीं, 


जब तुम आये जीवन में प्यार की सरिता बहने लगी, 

अब तो जिंदगी से हमें कोई शिकवा कोई शिकायत नहीं, 


नव उमंग, तरंग, नवल हर्ष और उत्कर्ष लिए आते हो, 

उपवन के लिए मधुमास की अब हमें कोई जरूरत नहीं, 


बांध लेती हो मुझको तुम प्यार से अपनी उन बांहों में, 

कहते खूबसूरत प्यार इसे यह कोई बेड़ियों का बंधन नहीं, 


तेरे आने की आहट से ही मौसम खुशनुमा हो जाता, 

मौसम बन जाते जब गीत गुनगुनाने की हमें जरूरत नहीं, 


तेरे नूर से ही रोशन हुए हैं ये सूरज ,चांद और सितारे, 

यही आशियाना अब हम किसी और चमन से गुजरते नहीं I



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