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JAYANTA TOPADAR

Drama Action Inspirational

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JAYANTA TOPADAR

Drama Action Inspirational

कड़वी, मगर काम की बात !

कड़वी, मगर काम की बात !

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"अति" का "अंत" होना 'अवश्यम्भावी' है --
चाहे वो अहंकार हो, लोभ हो, लालसा हो,
छल हो, कपट हो, घृणा हो, क्लेश हो, द्वेष हो, व्यवहारिक या भावात्मक हिंसा हो ...!!!

उसकी 'झलक' बाहरी परिवेश में
दिख ही जाती है!
"अति" का अंत होना 'अवश्यभावी' है !

संसार का ये अपरिहार्य नियम है --
किसी भी धीर-स्थिर-शांत एवं
अभिज्ञ इंसान को
नकारात्मक ताक़तें
प्रभावित नहीं कर सकतीं !!!

चाहे कोई लाख 'चालबाज़ी' से काम ले :
एक 'सचेत' इंसान इतनी आसानी से 
'उल्लू' नहीं बन सकता...
किसी भी सूरत-ए-हाल में नहीं...!!!

बात कड़वी है, मगर काम की है...
ज़रा फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाया करें...!
क्या पता आगे 'धोखाधड़ी' हो...


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