आप अपने जीवन में हर एक निर्णय
सोच-समझकर लें...
महज़ किसी को खुश करने के लिए
कभी कोई गलत निर्णय न लें,
वरना उसका दुष्परिणाम
आपको आजीवन भुगतना पड़ेगा...!!!
अक्सर आप ये सोचते होंगे
कि समझौता करके आप सही सलामत
अपना जीवन निर्वाह कर सकते हैं,
मगर वैसा नहीं होता, क्योंकि
'समझौता' अक्सर 'अनिच्छाकृत' निर्णय का परोक्ष रूप होता है,
जिसका कोई हासिल नहीं...
कोई अंजाम नहीं...!
अतः आप स्वेच्छा से
सही निर्णय लेने के लिए
स्वयं को तैयार करें,
न कि कश्मकश भरी ज़िन्दगी गुज़ारने की बेकार कोशिश करें...!
ये ज़िन्दगी 'आपकी' है
और 'सही निर्णय' लेने का अधिकार
केवल आपका है,
किसी और का नहीं...!!!