हे माँ...!!!
हे माँ...!!!
हे माँ छिन्नमस्ता !!! मैं तुम्हारा आह्वान करता हूँ...!!!
तुम जहाँ कहीं भी हो,
आगे आओ...
और अपना फैसला सुनाओ...!!!
आज मुझे तुम्हारी
सख्त ज़रूरत है, माँ !!!
तुम्हें मेरे लिए
आवाज़ बुलंद करना होगा, हे माँ छिन्नमस्ता...!
मुझे तुम्हारा जवाब चाहिए, माँ !!!
मैं फैसला तुम पे छोड़ता हूँ, माँ...
