STORYMIRROR

Paramjeet Singh

Drama

3  

Paramjeet Singh

Drama

कभी न पहुंचने से देर भली

कभी न पहुंचने से देर भली

1 min
467

मित्र बंधु सारे सुन लो

बात पते की बतलाता हूं

ये लाल हरी और पीली


आराम से तुम्हें समझाता हूं

किसी चौक से गुजरो जब भी

मोटरसाइकिल या गाड़ी में

स्कूटर कार या रेलगाड़ी में


लाल जगे तो रूक जाना

देरी से तुम मत घबराना

पीली हो तो तैयार करो

हरी हो जाए तो स्टार्ट करो


आगे-पीछे चलें गाड़ियां

जैसे सड़कों पर रेल चली

जल्दी जल्दी मत करना

न पहुंचे तो देर भली।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama