STORYMIRROR

Paramjeet Singh

Others

3  

Paramjeet Singh

Others

कोई और ही मालिक है

कोई और ही मालिक है

1 min
328

करता है मन इधर जाएं

या कभी उधर जाएं

पर लगता है बंधे है

धागे हाथों में

और पैरों में भी

मन और जिस्म में


हाथ हिलता नहीं

पर कोई हिला रहा है

पैर चलते नहीं 

पर कोई चला रहा है

पलकें झपकती नहीं

पर कोई झपका रहा है


सांसें चलती नहीं 

पर कोई चला रहा है 

नाम चमकता नहीं

पर कोई चमका रहा है


इतने लोगों को चला रहा

वो गुमनाम ही इक है

अपना तो‌ बस नाम चला है

कोई और ही मालिक है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन