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संदीप सिंधवाल

Classics

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संदीप सिंधवाल

Classics

जय कन्हैया लाल की

जय कन्हैया लाल की

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आज सजी है पालकी।

जय कन्हैया लाल की।


अधर दंत अति ही सुहाए

मुख पूर्ण त्रिलोक समाए

दुनिया दीवानी चाल की।

जय कन्हैया लाल की।


बाल क्रीड़ा सखा सोहित

नटखट अदा मन मोहित

शामत आती काल की।

जय कन्हैया लाल की।


पीत श्याम वर्ण धिधक

मोर पंख, लटाएं, तिलक

शोभा बढ़ाते गाल की।

जय कन्हैया लाल की।


प्रेम मग्न गोपी संग राधे

मधुर मुरली जब बाजे

गोऊ रस पीती ताल की।

जय कन्हैया लाल की।


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