STORYMIRROR

संदीप सिंधवाल

Fantasy Inspirational

3  

संदीप सिंधवाल

Fantasy Inspirational

भागूंगा नहीं

भागूंगा नहीं

1 min
192

जिंदगी की दौड़ में 

मैं भागूंगा नहीं 

भाग लूंगा 

उन सभी कीमती पलों में 

जिनसे मैं कभी भी 

वंचित ना रह सकूं। 


क्योंकि भागने से 

मंजिल तो मिल जाएगी 

पर 

रास्ते के अनुभव 

कभी नहीं मिल पाएंगे।


यहां तक कि 

वो रास्ता भी 

याद नहीं रहता

जिससे होते गुजरे हैं। 


तो मंजिल वो पानी हैं 

जिसके रास्ते हमेशा याद रहें 

और 

औरों को भी साझा हो सके

ताकि उन रास्तों के सही अनुभव 

एक प्रेरणा बन सके। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy