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AKANKSHA SHRIVASTAVA

Drama

3  

AKANKSHA SHRIVASTAVA

Drama

जुबान

जुबान

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जुबान को तलवार बनाने वाले 

बदन पे कई औज़ार लगाए चलते हैं।

 

दूसरों को तो कभी कभी वार करते हैं 

खुद दिन में सौ बार मरा करते हैं। 


फर्क बस इतना है मौत जिस्म की नहीं

आत्मा की हुआ करती है। 


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