AKANKSHA SHRIVASTAVA
Drama
जुबान को तलवार बनाने वाले
बदन पे कई औज़ार लगाए चलते हैं।
दूसरों को तो कभी कभी वार करते हैं
खुद दिन में सौ बार मरा करते हैं।
फर्क बस इतना है मौत जिस्म की नहीं
आत्मा की हुआ करती है।
सम्मान
सफर
इन अंधेरो में...
आँगन के गुलाब...
दरख़्त
दर्द के पहलु ...
जुबान
आसमान या ज़मीन...
भूख-पराए देश ...
गिर के उठना ,...
हमने फकत ज़मीन से जुड़ने की बात की तुमने तो आसमान ही सिर पे उठा लिया हमने फकत ज़मीन से जुड़ने की बात की तुमने तो आसमान ही सिर पे उठा लिया
तुम्हारे हाथों में मेरे मंजिल की चाभी थी, जो मेरे मंजिल की आखिरी पड़ाव थी। तुम्हारे हाथों में मेरे मंजिल की चाभी थी, जो मेरे मंजिल की आखिरी पड़ाव थी।
वक्त बदला बड़े बूढ़े हुए बच्चे बड़े हुए हर चिड़े ने बना लिया अपना अलग घोंसला वक्त बदला बड़े बूढ़े हुए बच्चे बड़े हुए हर चिड़े ने बना लिया अपना अलग...
मेरी लाश को चील कौवे नोच खाएंगे, पहले मैं अपनी कब्र खन तो लूं। मेरी लाश को चील कौवे नोच खाएंगे, पहले मैं अपनी कब्र खन तो लूं।
तेरा मेरा साथ कुछ इस तरह है, जलेबी में मिठास है जिस तरह है,।। तेरा मेरा साथ कुछ इस तरह है, जलेबी में मिठास है जिस तरह है,।।
धीरे धीरे समय बीतने लगा, कॉलेज एक घर लगने लगा। धीरे धीरे समय बीतने लगा, कॉलेज एक घर लगने लगा।
मरीज़ ये सोचकर दुखी कि डाक्टर की फीस कैसे बचाऊं, डाक्टर का दुख मरीज़ का बिल कैसे बढ़ाऊं मरीज़ ये सोचकर दुखी कि डाक्टर की फीस कैसे बचाऊं, डाक्टर का दुख मरीज़ का बिल क...
मानो के यह दिल टूट कर फ़र्श पर गिर पड़ा है जैसे, आग में जल कर के शोलों कि तरह भड़कता मानो के यह दिल टूट कर फ़र्श पर गिर पड़ा है जैसे, आग में जल कर के शोलों कि तर...
यौवन के उस नशे में, इस मन को निथार लूं। यौवन के उस नशे में, इस मन को निथार लूं।
पहरेदार के हुंकार से, पहरेदार हुआ मगन ! पहरेदार के हुंकार से, पहरेदार हुआ मगन !
नज़रें मिला लेना और एक दफा आसान न होगा माना, मगर फिर भी ... नज़रें मिला लेना और एक दफा आसान न होगा माना, मगर फिर भी ...
उसके साथ होने के एहसास का अपनी रूह को इत्तला कर रही थी मैं उसके साथ होने के एहसास का अपनी रूह को इत्तला कर रही थी मैं
आंचल से बिखरती समीर की शीतलता बदल चुकी बन थाती मेरी सुषुप्तावस्था की आंचल से बिखरती समीर की शीतलता बदल चुकी बन थाती मेरी सुषुप्तावस्था की
तूने दिल क्या तोड़ा मेरा जाना वो पल मेरे मौत का फरमान लेकर गई। तूने दिल क्या तोड़ा मेरा जाना वो पल मेरे मौत का फरमान लेकर गई।
लेकिन हम वो हिंदुस्तानी हैं जो सबको राहे दिखाते जाते हैं। लेकिन हम वो हिंदुस्तानी हैं जो सबको राहे दिखाते जाते हैं।
जैसे समंदर सात दूर चली माना तू थी ही पराया धन। जैसे समंदर सात दूर चली माना तू थी ही पराया धन।
फिर भी ईश्वर को हम पर रहम नहीं होता।। फिर भी ईश्वर को हम पर रहम नहीं होता।।
देश के नेता बन अभिनेता, कैसा नाटक करते हैं। देश के नेता बन अभिनेता, कैसा नाटक करते हैं।
फिर डर किस बात का है, जब हिम्मत भी बहुत है, जुनून भी बेहद है। फिर डर किस बात का है, जब हिम्मत भी बहुत है, जुनून भी बेहद है।
अपना ही हक सदैव ही माँगा हैं मैंने झूठे साथी सारे बने रहे अपने अपना ही हक सदैव ही माँगा हैं मैंने झूठे साथी सारे बने रहे अपने