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Abdul Qadir

Drama

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Abdul Qadir

Drama

महबूब

महबूब

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या खुदा यार का दीदार करा दे मुझको, 

 बनाना गैर का उनका बना दे मुझको।


 गैर के कदमों में सुकून कहां है या रब?

 उस दहलीज का नौकर बना दे मुझको।

 

दिल परेशान है जान है मेरी हैरत में, 

उनके दीवानों में इक नाम दिला दे मुझको।

 

तेरी कुदरत पे भरोसा है तू करेगा ऐसा, 

उनकी दरो दीवार का कुत्ता बना दे मुझको।


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