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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

"काट दिया पहाड़"

"काट दिया पहाड़"

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शिक्षा प्राप्ति हेतु जाते थे, दो नदी, करके पार

साथ में 6 कि.मी, उबड़खाबड़ रास्ते की मार

ओर जब शिक्षक ने किया पढ़ाने से इंकार

तब उन्होंने शिक्षा का स्वप्न करने साकार

काट दिया 50 दिन में पहाड़, न मानी हार

कोटड़ा गांव वालों का देखो, आप चमत्कार

यूं ही न मिल जाता है, सफलता का उपहार

इसके लिए करना पड़ता है, प्रयास लगातार

सब गांववाले प्रातः निकलते ले, खुदाई हथियार

पावड़ा, तगारी, कुदाली जो हाथ में आये हथियार

क्या बच्चे, क्या बूढ़े, सब थे, गिरी काटने को तैयार

तब जाकर कटा 50 दिन में वो पर्वत पर्वताकार

गर संकल्प दृढ़ हो, पत्थर भी बनता, गुलजार

जो करते नित मेहनत, वो होते सफल, नर-नार। 



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