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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

"पृथ्वी मां ने बांधी राखी"

"पृथ्वी मां ने बांधी राखी"

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पृथ्वी मां ने बांध दी चंद्रमा को राखी 

रक्षाबंधन से पहले ही आ गई,राखी

खुश है,भारत का हर बच्चा-बच्चा

रक्षाबंधन का मिला उपहार अच्छा


जब हमारा चंद्रयान 2 विफल हुआ

हमारी अंतरिक्ष उम्मीदों का खून हुआ

हमारा हिंद उस वक्त,बड़ा दुःखी हुआ


उस समय फूलों बीच शूलों को छुआ

पर हमारा भारत देश नही घबराया

हमने विफलता से सफलता को पाया

जहां पूरा विश्व कुछ नही कर पाया


वहां चंद्रमा पर,चंद्रयान 3 पहुंचाया

दक्षिणी धुव्र पर,हमने तिरंगा फहराया

रक्षाबंधन पूर्व ही इसका त्योंहार आया

हमारी धरती मां ने रक्षाबंधन गीत गाया


चंदा मामा से भी सफ़लता का वर पाया

इसरो ने दृढ़ निश्चय की कुछ ऐसी,कमाई

कम खर्च में ही भारत ने सफलता पाई

यदि मजबूत इरादा हो,हिम्मती वादा हो


असंभव लक्ष्य भी संभव बन जाता,भाई।


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