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Sunita Singh

Abstract Drama Others

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Sunita Singh

Abstract Drama Others

नींद आना

नींद आना

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नींद आती है क्यों मुझे इतना

रात में आती, दिन में आती

और तो और सुबह भी आती !


मुझे नहीं मालूम यह मेहनत के कारण आती

या आलस के कारण आती लेकिन

नींद आती है मुझे इतना

जितना किसी को नहीं आती ( शायद ) !


जाने कही कोई बीमारी तो नहीं मुझे

खुद को खुद की ही चिंता सताती

खूब समझाया दिमाग़ को मैंने

कि यह बीमारी नहीं तुम्हारी 

बल्कि मौसम का असर है ( आलसपन का मौसम ) !


चेन की नींद में सोना अच्छा लगता है

सारे काम करके सोना अच्छा लगता है

फिर क्या पता बाद में यह सोने का मौका

मिले या न मिले ( ज़िन्दगी के नई पारी में )!


इसीलिए अभी इस नींद का

आनंद उठा लेती हूँ

हमेशा अच्छे सपने तो नहीं लेकिन

कभी कभी बुरे सपने भी अच्छे लगने लगते है !


लिखते लिखते आ गई नींद इतना 

चलो चल कर एक झपकी पूरी करते है

आगे नहीं लिखा क्यूंकि

नींद की आगोश में समा गए है!!



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