sargam Bhatt
Drama Crime Thriller
गिरना नहीं है,
गिरके संभालना है ज़िन्दगी,
रुकने का नाम मौत है,
चलना है ज़िन्दगी।
रूकती तो घड़ी है
जिसमें सेल नहीं,
रुकता तो पेन है ,
जिसमें स्याही नहीं,
हमारे अंदर जान है,
ना रुकना ए जिंदगी।
चलना है जिंदगी।
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अपने बलबूते पर, अपनी मर्ज़ी से खुद को तराशना चाहता है। अपने बलबूते पर, अपनी मर्ज़ी से खुद को तराशना चाहता है।
खुश रहने और खुश रखने की जिम्मेदारी जो मेरी है। खुश रहने और खुश रखने की जिम्मेदारी जो मेरी है।
फासलों का ख्याल है जिन्हें, उनमें ही दूरियाँ बढ़ती जा रही है। फासलों का ख्याल है जिन्हें, उनमें ही दूरियाँ बढ़ती जा रही है।
लगा रहा था मरहम रिसते घावों पर आज पीड़ा कुछ कम थी। लगा रहा था मरहम रिसते घावों पर आज पीड़ा कुछ कम थी।
ये प्रेम प्यार में पगी रचनाएँ महज चंद शब्द नहीं हैं...। ये प्रेम प्यार में पगी रचनाएँ महज चंद शब्द नहीं हैं...।
फिर भी ज़िंदा रहता है एक ज़ज़्बा उसी घर से एक और फौजी बन जाने का... फिर भी ज़िंदा रहता है एक ज़ज़्बा उसी घर से एक और फौजी बन जाने का...
प्रेमी की प्रेमिका छाेड के चली गयी है... तब उसके मन की अवस्था कैसी हाेगी... कभी साेचा है किसीने... ह... प्रेमी की प्रेमिका छाेड के चली गयी है... तब उसके मन की अवस्था कैसी हाेगी... कभी ...
नया है ज्वालामुखी-सा धधकता आंतरिक अपेक्षाओं का शोला... नया है ज्वालामुखी-सा धधकता आंतरिक अपेक्षाओं का शोला...
हम हारे 'चौकीदार' की 'लहरों' में, तुम भी हुई उसमें फेल प्रिये... हम हारे 'चौकीदार' की 'लहरों' में, तुम भी हुई उसमें फेल प्रिये...
क्योंकि मैं तेरी माँ हूँ, आखिर मैंने ही तो संवारा है तुझे। क्योंकि मैं तेरी माँ हूँ, आखिर मैंने ही तो संवारा है तुझे।
छोरों ना यार क्या रखा है कविता सुनाने में। छोरों ना यार क्या रखा है कविता सुनाने में।
सब शांत, सब मौन और एकांत खोजता जीवन। सब शांत, सब मौन और एकांत खोजता जीवन।
तुम्हारा स्नेह ही तो मेरी संजीवनी माँ तुम हो तभी मैं हूँ। तुम्हारा स्नेह ही तो मेरी संजीवनी माँ तुम हो तभी मैं हूँ।
ऐसे तो कई और संबंध हैं, जो इस जग की बुनियाद हैं, जो हम सबको जोड़े रखते हैं, और अंजाने में ह... ऐसे तो कई और संबंध हैं, जो इस जग की बुनियाद हैं, जो हम सबको जोड़े रखते हैं...
मैं कहता हूं ख़्याल रख अपना इस बात को हमेशा टालती है। मैं कहता हूं ख़्याल रख अपना इस बात को हमेशा टालती है।
तू जो है साथ तो ये सांसें चल रहीं हैं, तू ना होगा तो ये सांसें थम जाएंगी... तू जो है साथ तो ये सांसें चल रहीं हैं, तू ना होगा तो ये सांसें थम जाएंगी...
शांत वातावरण, बारिश की आवाज़; आहिस्ता चलती ठंडी हवा और सिर्फ तुम, पन्ने और कलम... शांत वातावरण, बारिश की आवाज़; आहिस्ता चलती ठंडी हवा और सिर्फ तुम, पन्ने और कलम.....
ये माता की नहीं पिता की बेटियाँ होती हैं। ये माता की नहीं पिता की बेटियाँ होती हैं।
इन तज़ुर्बे की आँखों से देखो ज़रा, ज़िंदगी भर का 'मंज़र' दिखातीं हमें। इन तज़ुर्बे की आँखों से देखो ज़रा, ज़िंदगी भर का 'मंज़र' दिखातीं हमें।
वह सदी बदल देती या स्वयं बदल जाती या जीते जी मर जाती। वह सदी बदल देती या स्वयं बदल जाती या जीते जी मर जाती।