STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Drama Inspirational

3  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Drama Inspirational

जीवन की साँझ

जीवन की साँझ

1 min
263

साँझ हुई इस जीवन की 

दिन ढला पता ना चला

अब आए करने सफ़र

तो कोई हमसफर ना रहा


सूरज ले रहा विदा अब

निकले हम बेफिक्र जब

कोई ठिकाना अब न रहा

कोई यक़ीन बाकी न रहा


संध्या हमें पुकार रही हैं

मिलने को आतुर कही

जीवन बीता जा रहा

धुंधलका छा रहा


हमें इंतज़ार है अब

शाम गुजर जाने का

जीवन में होने वाली

एक नई सुबह का


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama