STORYMIRROR

Dobhal Girish

Tragedy

3  

Dobhal Girish

Tragedy

झूठ ही परम सत्य

झूठ ही परम सत्य

1 min
28

ठिकाने को एक और ठिकाना चाहिए

 बहाने को एक और बहाना चाहिए


इस क़दर बदल रहे हैं लोग 

कि जमाने को एक और जमाना चाहिए


बदलना फितरत है वक्त की 

क्या छूट चुका क्या वापस पाना चाहिए 


तुम तो न बदले "गिरी" सारा जमाना बदल गया 

झूठ ही परम सत्य हो तो बदल जाना चाहिए


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy