STORYMIRROR

Dobhal Girish

Inspirational

4  

Dobhal Girish

Inspirational

शायरी सा दिल

शायरी सा दिल

1 min
279

शीशे का दिल रखोगे तो टूट कर बिखर जाओगे 

मोम का दिल रख कर भी पिघल जाओगे 

दिल रखेगें सोने का तो तप कर निखर जाओगे

गहना बनके मुहब्बत का संवर जाओगे


पथ्थर दिल बनोगे तो ढह जाओगे 

नदियों सा दिल रख कर भी बह जाओगे

दिल रखो समंदर सा तूफानों को सह पाओगे 


दरिया सा दिल रख कर भी क्या पाओगे 

जाकर सागर में समा जाओगे 

इश्क़ के फूल बनके दिलों को महकाओगे

दिल को गर शायरी सा बनाओगे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational