झूम के आयी होली
झूम के आयी होली
झूम के आयी होली
पीले पीले बसंत से जब, पुरवाई हँस के बोली..
बयार चली चाल मतवाली, झूम के आयी होली..
गुंजिया, मठरी की खुशबू भर के अंगड़ाई डोली,,
कहीं भंग किसी ने घोली, झूम के आयी होली..
कभी लगाए रंग कभी भीगा दे चुनरी ओ चोली..
जीजा साली, देवर भाभी करते है संग ठिठोली..
नीले पीले रंगों से ले आये भर भर के पिचकारी..
कोई ना बचे कोरा, घर से निकली बच्चों की टोली..
खनके लाल चूड़ियाँ, गोरी बईयाँ पकड़ करते जोरा जोरी..
मनुहार करे पिय से प्रिया, आँखों आँखों में सब बोली..
गुनगुनाये गीत फागुन के सब, मस्ती में झूम रहें छोरा छोरी
रंगों की बरसात में भीगे तन मन, झूम के आयी होली..
राग द्वेष, गुस्सा, तल्ख़ी दुनिया दिल से सब है भूली..
तुम भी प्रेम का रंग भरो रिश्तों में , झूम के आयी होली..

