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Minati Rath

Romance

4  

Minati Rath

Romance

जब आते हो करीब

जब आते हो करीब

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कलियां खिलखिलाती हैं

हवा भी मुस्कुराती है।

भौँरें गुनगुनाते हैं

चिड़ियां गीत गाती हैं।


नदियों में जान आती है

सागर में लहरें उठती हैं। 

धड़कन भी बढ़ जाती है

सांसें ये रुक जाती हैं।


दो आंखें शरमाती हैं

और नज़रें झुक जाती हैं।

दिल दरिया लुट जाता है

जब आते हो करीब,

प्यार की गंगा बहती है


खिल उठता है नसीब,

मन पावन हो जाता है

यह रिश्ता है अजीब।


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