STORYMIRROR

मिली साहा

Romance

4  

मिली साहा

Romance

इश्क तौफीक़ है

इश्क तौफीक़ है

1 min
245

इश्क मुश्किलों से लड़ने की हमें ताकत देता है,

इश्क तौफ़ीक है जो पल- पल साथ निभाता है,


जीवन के कठिन सफ़र में चलता है साथ साथ,

इश्क सच्चा साथी बन कर जीना सिखा देता है,


कोई बंधन नहीं ये इबादत है खुदा की रहमत है,

इश्क तो आज़ाद है जो उड़ने का हौसला देता है,


इश्क नाज़ुक मिज़ाज ज़रूर है पर कमजोर नहीं,

इश्क अगर सच्चा तो जीवन गुलज़ार हो जाता है,


कांटो से भरी राह में भी जो दे फूलों का एहसास,

इश्क वो है जो ज़िन्दगी का हर ज़ख्म भर देता है,


इश्क-ए-एहसास से ही दुनिया रंगीन हो जाती है,

जिसकी कोई सीमा नहीं आकाश समान होता है,


इश्क समझौता नहीं दो लोगों के बीच विश्वास है,

इश्क समर्पण है त्याग है जो सदा हिम्मत देता है,


घोर अंधेरी जिंदगी में इश्क एक दिव्य प्रकाश है,

जो किसी गुमनाम ज़िंदगी को रोशन कर देता है,


इश्क कभी झुकने न देता उठाता ऊपर सदैव ही,

जो झुकने पर करे मजबूर वो इश्क नहीं होता है,


निराशा भरे जीवन में करता है आशा का संचार,

आत्मा का बंधन ये ईश्वर से परिचय करवाता है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance