STORYMIRROR

मिली साहा

Others

4  

मिली साहा

Others

महर्षि वाल्मीकि

महर्षि वाल्मीकि

1 min
301

आदि महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की रोचक है कथा

एक डाकू से महर्षि वाल्मीकि बनने तक का सफर था बड़ा अनोखा

रत्नाकर नाम के डाकू थे वाल्मीकि जी, लुटते थे वन में आए लोगों को

इसी प्रकार एक दिन करने लगे वे प्रयास लूटने का नारद मुनि को 

नारद मुनि बोले क्यों करते हो ऐसा काम क्यों बनते हो पाप के भागीदार 

रत्नाकर ने कहा नारद मुनि से इसी लूटपाट से चलता है मेरा परिवार,

अच्छा तो जाकर पूछो परिवार से तुम्हारे पाप कर्मों में बनेंगे हिस्सेदार

आघात लगा रत्नाकर को जब परिवार ने इस बात से किया इनकार

गिर पड़े वे नारद मुनि के चरणों में कैसे होगा इस पाप का प्रायश्चित

नारद मुनि ने समझाया राम नाम का जाप करो यही उपाय है उचित 

धुल गए उनके समस्त पाप हजारों वर्षों तक निष्ठा पूर्वक नाम जप से 

वाल्मीकि नाम मिला तब उनको तन पर बने दीमकों के घर वाल्मिक से।



Rate this content
Log in