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मिली साहा

Abstract

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मिली साहा

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तुझसे ही खुशियांँ हर पल

तुझसे ही खुशियांँ हर पल

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मेरे जीवन का मधुर संगीत हो,

खुशियों में गुनगुनाता गीत हो,

मातृत्व का एहसास पाया तुमसे,

तुम मेरा साया, मेरा सच्चा मीत हो,

मेरी बिटिया तुम मेरे आंगन की चहल-पहल,

तुमसे रौनक, तुम हो जीवन का खिलता कमल,

महकती है मेरी ये दुनिया तेरी ही अठखेलियों से,

तू मेरे होंठों की मुस्कान तुझसे ही खुशियाँ हर पल,

तुझे पाकर मेरी हर मन्नत हो गई पूरी,

एक पल भी मुझे गवारा नहीं तुझसे दूरी,

मेरे हर गम की दवा, मेरी दुआ है तू बिटिया,

तुझसे ही तो ममता मेरी, तुझसे ही ये दुनिया सारी।


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