ज्योति किरण
Abstract
हँस ले यारा
हँसने से दिल
मुस्काएगा।
ज़िंदगी में कभी
न कोई भी ग़म
पास आएगा।।
तेरा आना
धड़कनों की धु...
चिरपरिचित याद...
लम्हें जिंदगी...
मेरी दुनिया
अग्निफेरा
पिता
हमनवां
दर्द से रिश़्...
दीदार
मनपसंद व्यंजनों की कतार लगा देती थी आगोश में उसके हम बच्चे बन जाते थे मनपसंद व्यंजनों की कतार लगा देती थी आगोश में उसके हम बच्चे बन जाते थे
स्वतंत्रता संग्राम के थे अगुआ। रणभूमि में उठा था धुआं। स्वतंत्रता संग्राम के थे अगुआ। रणभूमि में उठा था धुआं।
तू ही वायु तू ही स्नायु तू ही वायु तू ही स्नायु
जाना अगली बार है, इतना रखना याद। चलना मेरे साथ में, लाठी डंडा टेक।। जाना अगली बार है, इतना रखना याद। चलना मेरे साथ में, लाठी डंडा टेक।।
हम हैं सबके और सभी हैं हमारे, अपनत्व हो हम सबका मधुर सपना। हम हैं सबके और सभी हैं हमारे, अपनत्व हो हम सबका मधुर सपना।
अधूरी कोई कहानी आवाज दे रही है। बार-बार जाने क्यूं इम्तिहान ले रही है।। अधूरी कोई कहानी आवाज दे रही है। बार-बार जाने क्यूं इम्तिहान ले रही है।।
चैन की नींद नहीं है पर उस एक दिन के लिए चैन की नींद नहीं है पर उस एक दिन के लिए
बसंत ने खूब सजायो है । राधा संग कान्हा रास रचावे है। बसंत ने खूब सजायो है । राधा संग कान्हा रास रचावे है।
बच कर रहना इनसे भाई। वरना कल होगा दुखदाई।। बच कर रहना इनसे भाई। वरना कल होगा दुखदाई।।
मासूमों के लहू से भीगी हुई कटार के लिए। मासूमों के लहू से भीगी हुई कटार के लिए।
तब तू ही करायें सच का ज्ञान, जगत को कैसे बतलाये। तब तू ही करायें सच का ज्ञान, जगत को कैसे बतलाये।
एक दिन फिसल ही जाता है, और उसके साथ फिसलते हैं वे सांप भी, एक दिन फिसल ही जाता है, और उसके साथ फिसलते हैं वे सांप भी,
खेत-खलिहानों की है ये धरती, श्रम से संवारें इसे हर पार्टी। खेत-खलिहानों की है ये धरती, श्रम से संवारें इसे हर पार्टी।
मुझसे खेलो फिर मुझसे नहाओ पानी का संहार है। मुझसे खेलो फिर मुझसे नहाओ पानी का संहार है।
क्रांतिवीर विचारों संग चल दिये थे सभी दोस्त मिलके, क्रांतिवीर विचारों संग चल दिये थे सभी दोस्त मिलके,
कवि और कविता का आपस में गहरा नाता है। कवि और कविता का आपस में गहरा नाता है।
कभी साथ का, कभी दोस्ती का, कभी परिवार का, कभी रिश्तों का, कभी साथ का, कभी दोस्ती का, कभी परिवार का, कभी रिश्तों का,
मायूस हो तो दिल को संबल भी दे जाती हैं, मायूस हो तो दिल को संबल भी दे जाती हैं,
भारत भूमि के गौरव की झांकी तुमको मैं दिखलाऊं भारत भूमि के गौरव की झांकी तुमको मैं दिखलाऊं
चिड़ियों की चहचहाहट उनके आने की आहट चिड़ियों की चहचहाहट उनके आने की आहट