STORYMIRROR

Dinesh Dubey

Abstract

3  

Dinesh Dubey

Abstract

शराबी ओ शराबी

शराबी ओ शराबी

1 min
260

शराबियों को खुशियां बढ़ा जाती 

जब मिलती बोतल शराब कि,

और खुशियां तब बढ़ती है 

जब मिल जाए साथ कबाब कि 

दो पैग लग जाने पर बढ़ती खुशियां 


जब दर्शन हो जाए शबाब कि,

और दो पैग लग जाने पर 

इनके नखरे होते नवाब कि 

अपने आगे फिर ना समझते 

लग चढ़ जाए नशा शराब कि।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract