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Dinesh Dubey

Abstract

3  

Dinesh Dubey

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शराबी ओ शराबी

शराबी ओ शराबी

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शराबियों को खुशियां बढ़ा जाती 

जब मिलती बोतल शराब कि,

और खुशियां तब बढ़ती है 

जब मिल जाए साथ कबाब कि 

दो पैग लग जाने पर बढ़ती खुशियां 


जब दर्शन हो जाए शबाब कि,

और दो पैग लग जाने पर 

इनके नखरे होते नवाब कि 

अपने आगे फिर ना समझते 

लग चढ़ जाए नशा शराब कि।


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