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Kavita Sharrma

Abstract

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Kavita Sharrma

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चाँद

चाँद

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आसमान है सुशोभित पूनम के चाँद से

झिलमिलाते तारे भी चमक रहे आकाश में


बिखरी‌ है चाँदनी सारी धरती पर 

प्रकृति ने भी ओढ़ ली हो जैसे सफेद चुनर


बिखेर दिए मोती अनमोल पत्तों पर

निहारो मन ऐसी सुंदरता कुदरत की रात भर। 


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