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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract

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Dhan Pati Singh Kushwaha

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आप सबका स्वागत है श्रीमान

आप सबका स्वागत है श्रीमान

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आपका सबका स्वागत है श्रीमान,

आप सब तो हैं प्यारे-प्यारे मेहमान।

धन-धन भाग हमारे हैं,

पाकर आपको।

हर्षित हम सारे हैं

पाकर आपको।

आपका सबका स्वागत है श्रीमान......


इस खुशी को अपनी,

वर विधाता का ही हम कहेंगे।

मिलती रहे ये खुशियां,

ऐसी विनती हम करते रहेंगे।

दया ऐसी करें,

मिलन होते रहें,

भेजते ही रहें ,

प्रभु जी आपको।


आपका सबका स्वागत है श्रीमान......


विनती यही अब हमारी,

नेह अपना बनाए रखेंगे।

मौके निकाल करके,

दर्शन निज कराते रहेंगे।

सुख पा जाएंगे,

धन्य हो जाएंगे,

पा के निज बीच में,

प्रिय अतिथि आपको।


आपका सबका स्वागत है श्रीमान......


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