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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Classics Inspirational

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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Classics Inspirational

धैर्य नियोजन से हों सफल प्रयास

धैर्य नियोजन से हों सफल प्रयास

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 सब सपने सच हो जाएंगे अपने,
मन में यह सुदृढ़ रहे विश्वास।
शुद्ध हृदय हम रत रहें अनवरत,
 धैर्य नियोजन से हों सफल प्रयास।

 परहित का सदा सद्भाव हो मन में,
 सहयोग भावना आए जन-जन में।
 तब नित नूतन उत्साह संग मिल के,
सुदृढ़ रख मन में सफलता की आस,
 धैर्य नियोजन से हों सफल प्रयास।

 नहीं कोई विश्राम न विराम है लेना,
 जब तक इच्छित लक्ष्य नहीं मिलता।
 दृढ़ निश्चय अथक परिश्रम के आगे,
 सफलता देती हमको हास-परिहास,
 धैर्य नियोजन से हों सफल प्रयास।

उपेक्षा विरोध के भय को त्याग कर,
 छोड़ें स्तुति निंदा का लोभ और डर।
 समाज देश और जगत को हितकर,
हम करते रहें स्वार्थ रहित वे प्रयास,
 धैर्य नियोजन से हों सफल प्रयास।

 सब सपने सच हो जाएंगे अपने,
मन में यह सुदृढ़ रहे विश्वास।
 शुद्ध हृदय हम रत रहें अनवरत,
 धैर्य नियोजन से हों सफल प्रयास।
 


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