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Shiv Kumar Gupta

Romance

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Shiv Kumar Gupta

Romance

हमसफर बना लेना

हमसफर बना लेना

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तारों के बीच चांद सी तूम लगती हो मुझको

बहती गंगा की पावन धार सी लगती हो मुझको।।


तूझे ख्वाबों में भी देखने की ख्वाहिश रहती है

मेरे दिल की दीवारों पर तेरी तस्वीर रहती है।।


अपनी जान से भी ज्यादा मैं तूझसे प्यार करता हूं

तू बन जा मेरी राधा मैं तेरा कृष्ण हो जाता हूं।।


मैं चांद सितारों से तेरी ये मांग सजाऊंगा

मेरे दिल के महल की तूझे मैं रानी बनाऊंगा।।


मैंने दिल की दीवारों पे तेरा नाम उकेरा है 

मेरे दिल के नगर में बसेरा अब तेरा है।।


मैं आसमां के ललाट पे तेरा नाम लिख आऊं

मैं इश्क की सलिला में काश तेरे साथ बह जाऊं।।


तू सादगी का पहन गहना मेरे घर को चली आना

मैं मांगु साथ तेरा तू मुझे हमसफर बना लेना


मैं मां की ममता के आंचल की एक बूंद लाऊंगा

मेरी मां के दिए कंगन मैं एक दिन तूझे पहनाऊंगा।।


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