STORYMIRROR

बेज़ुबानशायर 143

Abstract Romance Inspirational

4  

बेज़ुबानशायर 143

Abstract Romance Inspirational

महोब्बत की ह़की़क़त

महोब्बत की ह़की़क़त

1 min
374

मोहब्बत की ह़की़क़त से ये दुनिया भी 

इस मोहब्बत के तल बगार हैं 

सभी पर धोखे खा खा के 

किसी को किसी पर यूं एतबार नहीं होता


रिश्तों के बाजार में वफादार खोजते हैं 

सभी पर कोई खुद वफादार नहीं होता

बनते हैं खुद को ज्ञानी और समझदार पर 

असल जिंदगी में कोई समझदार नहीं है


हक़ीक़त कहो तो 

यक़ीन कोई नहीं करता

 सच रख दो सामने तो भी 

कोई दीदार नहीं करता 


पर हर झूठ पे मरने को यहाँ मिलते लाखों हैं 

यार पर सच सुन के भी कोई जाँ निसार नहीं मिलता


ଏହି ବିଷୟବସ୍ତୁକୁ ମୂଲ୍ୟାଙ୍କନ କରନ୍ତୁ
ଲଗ୍ ଇନ୍

Similar hindi poem from Abstract