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Ajay Singla

Tragedy

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Ajay Singla

Tragedy

गर्लफ्रेंड

गर्लफ्रेंड

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सैलरी का दिन था आज

मन प्रसन्न हो रहा था

गर्लफ्रेंड को पहले ही से

डिनर पर जाने को कहा था।


मन बेचैन था जाने को

 हाथ में जब पैसे आये

प्रियसी के मैं साथ बैठूं

ऑफिस अब एक पल न भाए।


सीधे ऑफिस से निकल के

जल्दी से घर उसके आया

 स्कूटर पर उसको बैठाकर

रेस्टोरेंट में उसको लाया।


मैना कहा उस को अकड़ के

जो चाहो तुम आर्डर कर लो

जेब आज भरी हुई है

बस होठों पर थोड़ी स्माइल भर लो।


नयी, महंगी डिश मंगवाईं

पेट भर के खाना खाया

दो प्लेट आइसक्रीम लीं

वेटर से तब बिल मंगवाया।


थोड़ी देर बाद वो आया

वेटर ने था बिल दिया तब

जेब मेरी फटी हुई थी

हाथ डाला जेब मैं जब।


जेब मैं एक धेला भी न था

गुस्से से वो भर गयी

डांटती रही घंटा भर

फटी जेब शर्मिंदा कर गयी।


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