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Ervivek kumar Maurya

Romance Tragedy

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Ervivek kumar Maurya

Romance Tragedy

तुझसे बिछड़ के

तुझसे बिछड़ के

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अच्छा किया तूने मेरा दिल तोड़कर

अच्छा किया तूने मुझे तन्हा छोड़कर


वो कह रहा था तुझे बेज्जत करेगा जमाना

वो खुद हो गया बेवफा मेरी वफा को भूलकर


कल खुश थे ,आज भी हैं कल का क्या पता किस हाल में हो

मेरी पलकों को बचाया खुद ही को रुलाकर


चल ठीक रहा इतना सफर तय कर लिए

अब वो खुद जा रहा लाके मंजिल पे छोड़कर


तूने खुद को ही सिर्फ समझा 

' हेमू ' का दिल न देखा

तुझसे बिछड़ के अब जी रहा हूं मर-मर कर।


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