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फ़ैसला हमने जो कर लिया

फ़ैसला हमने जो कर लिया

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तुझसे दूर होने का जो हमने फ़ैसला लिया

आँखों से आँसू का सैलाब बह निकला

रोक न पाये हम उनको आँखों में

प्यार की मजबूरिया कुछ तेरी थी कुछ मेरी थी


दोष किसको देते हम वक्त को

या किस्मत को

हर पल जिंदगी में कुछ नए तूफ़ान से आ रहे थे

जिनको रोक पाना न तेरे बस में था ना मेरे बस में था

फ़ैसला हमारा सही है या गलत यह तो वक्त ही अब बताएगा


जी लेना तुम बगैर हमारे हम भी जी लेंगे तेरे बगैर

याद जो आये कभी तो समझ लेना हमको एक टूटा हुआ ख्वाब तुम

अब ना लौट कर आएंगे इन गलियो में हम कभी

जो हमको गम ही गम देती है

अलविदा कहते है हम तुमको ऐ दोस्त....


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