STORYMIRROR

S Ram Verma

Drama

3  

S Ram Verma

Drama

एक मैं और एक तुम

एक मैं और एक तुम

1 min
248

हर दिन में कुछ पल तो हो

जो सिर्फ तेरे और मेरे हो


जिसमे कोई तीसरा ना हो  

उस पल में हम दोनों साथ हो

  

उसमे सिर्फ एक दूजे की बात हो

उन बातों को सुनने वाला कोई और ना हो

  

यूँ ही बैठे बैठे एक दूजे की बात 

पर दोनों बेतहाशा हंस पड़ते हो


हँसते-हँसते एक दूजे की आँखों 

से बरबस आसूं निकल पड़ते हो


उन आँसुओं को पोछने वाला 

वहां कोई और तीसरा ना हो


बस मैं और तुम एक दूजे 

के बहते आंसू पोंछते हो !  


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama