एक चिट्ठी विघ्नहर्ता के नाम
एक चिट्ठी विघ्नहर्ता के नाम
शिव और पार्वती के नंदन, जो विघ्नहर्ता कहलाये।
चिट्ठी लिख जो विनती करे, भक्त वही विवेक पाये।
यह विनती है समाज से पापियों का नाश करें आप।
पापी इतने भयभीत हों, उनको लगे आप देंगे श्राप।
जब पुकारें नाम आपका, सब विघ्न मिट्टी हो जाते।
देखते जो नेत्र आपके, वे अपनी सुध-बुध खो जाते।
लेकर आपका नाम, कार्य आरम्भ करते सब कोई।
सँसार में युगों से आपकी ही, सर्व-प्रथम पूजा होई।
विघ्नहर्ता आप पर ही है, प्रत्येक भक्त को विश्वास।
बड़ी कृपा हो, जिसको मिले आपके चरणों में वास।
