STORYMIRROR

Indraj Aamath

Romance

4  

Indraj Aamath

Romance

एक बार जरा सा कह दो तुम

एक बार जरा सा कह दो तुम

1 min
285


एक बार जरा सा कह दो तुम

मैं वो बादल भी बन जाऊंगा,

तुम रात ख्वाब सा हो जाना

मैं नींद किरण भी बन जाऊंगा।


एक बार जरा सा कह दो तुम

मैं हवा सा बहता आ जाऊंगा,

तुम मेघ बनकर बरस जाना

मैं नाव बनकर आ जाऊंगा ।


एक बार जरा सा कह दो तुम

मैं तेरा ख़्वाब भी बन जाऊंगा,

तुम पुष्प सी पल्लवित होना

मैं उसका भंवरा बन जाऊंगा।


एक बार जरा सा कह दो तुम

मैं हर गाना तेरे लिए गाऊंगा,

तुम राग प्रेम की बन जाना

मैं उसकी आवाज बन जाऊंगा।


एक बार जरा सा कह दो तुम

मैं हर पथ का साया बन जाऊंगा,

तुम घर की खिड़की से देखना

मैं आसमां का तारा बन जाऊंगा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance