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Jyoti Agnihotri

Drama

5.0  

Jyoti Agnihotri

Drama

दरवाज़े

दरवाज़े

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हमने अपने दिलों के दरवाज़े बन्द कर लिए,

क्यूँकि भावनाओं का बढ़ा बहुत शोर है।


हमने अपने घरों के दरवाज़े भी बन्द कर लिए,

क्यूँकि हर शख्स में छिपा कोई और है।


और तो और हमनें दरों दिल भी बदल दिए,

क्यूँकि ये इक नया ही दौर है।


बदल गई है सोच

अब तो सोचना शायद ज़रूरी भी नहीं,

क्यूँकि इस दौर का चलन ही कुछ और है।


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