Samar Pradeep
Romance Inspirational
कश्ती पर ऐसा भार न हो,
जिससे ये दरिया पार न हो
टूटो तो इतना ही टूटो,
जितने से दिल बीमार न हो,
फूल बिछाओ राह में उस की,
याद रहे कोई ख़ार न हो,
ग़लती हो भी तो ऐसी हो,
ग़लती वो जो हर बार न हो,
तामीर करो घर घर जैसा,
घर वो जिस में दीवार न हो।
ख़ुद को ऐसे स...
रास आने लगे क...
फूल सदाएँ देत...
रात है
मेरी आँखों ...
बरसात बुला ल...
अगर माज़ी के ...
नज़र
मंजर
दरिया
तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था ! तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था !
राधा रानी के संग होली खेले केशव को गोपी देखो घेरे घेरे राधा रानी के संग होली खेले केशव को गोपी देखो घेरे घेरे
तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो। तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो।
हो हमसफ़र से ओझल चुपके से एक रूमाल थमा गई। हो हमसफ़र से ओझल चुपके से एक रूमाल थमा गई।
लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में। लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में।
माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना, माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना,
ना आज ये रात बीतेगी ना ही कोई समझ पाएगा , बारिश के इस आलम में जब वो यूं ही चला जाएगा, ना आज ये रात बीतेगी ना ही कोई समझ पाएगा , बारिश के इस आलम में जब वो यूं ही चल...
एक मद सा है तुम्हारा होना, बहुत कुछ कह जाता है, तुम्हारा मौन। एक मद सा है तुम्हारा होना, बहुत कुछ कह जाता है, तुम्हारा मौन।
तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है। तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है।
तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे पारिजात। तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे प...
रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को। रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को।
वो एक दूसरे को पीठ ज़रूर किए बैठी है लेकिन एक दूजे से बेइन्तहा इश्क़ भी किए बैठी है। वो एक दूसरे को पीठ ज़रूर किए बैठी है लेकिन एक दूजे से बेइन्तहा इश्क़ भी किए ...
आया फाल्गुन है हौले हौले चढ़ा नशा है धीरे धीरे ! आया फाल्गुन है हौले हौले चढ़ा नशा है धीरे धीरे !
पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं। पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं।
वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता है वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता ह...
प्रीति रजनी जगाने लगती सुर्ख छुअन होती तन-मन में। प्रीति रजनी जगाने लगती सुर्ख छुअन होती तन-मन में।
हवा में उड़ते सूखे पत्ते, सच्चे प्रेम के कुछ किस्से गाते पंछी। हवा में उड़ते सूखे पत्ते, सच्चे प्रेम के कुछ किस्से गाते पंछी।
फागुनी बयार में, रंगों की बहार बौछार में, आओ पिया हम खेलें प्रेम के रंगों की होली, फागुनी बयार में, रंगों की बहार बौछार में, आओ पिया हम खेलें प्रेम के रंगों की ...
बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा। बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा।
चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं। चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं।