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Samar Pradeep

Tragedy Classics

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Samar Pradeep

Tragedy Classics

नज़र

नज़र

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मिरी नज़र में कोई कम नज़र नहीं

हाँ आपको लगा होगा मगर नहीं


हरिक हुनर सिखाऊंगा बेटे को पर

फ़रेब देने वाला इक हुनर नहीं


सहम गया है बच्चा इस सवाल पर

किताब में ये क्यूँ तिरे कवर नहीं


पेशानी चूमने वाले वो लड़के ने

सुना नहीं इधर नहीं इधर नहीं


दरख़्त पे नए समर आने को हैं

अभी मुकर नहीं अभी मुकर नहीं।


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