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Dinesh Dubey

Tragedy

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Dinesh Dubey

Tragedy

दर्दे दिल

दर्दे दिल

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किसी को दिल से निकालना,

होता है नहीं आसान,

कितना भी साफ कर ले हम,

वो छोड़ जाता है निशान।


दिल का दर्द वो क्या जाने,

जो निकल गया दिल से,

वो बेदर्दी तो कुछ ना जाने,

शिवाय दर्द देना दिल से।


अब ना बिठाना है किसी को ,

अपने टूटे दिल में,

ना दिखाना है किसी को ,

अपने दर्दे दिल का हाल।



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