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Jalpa lalani 'Zoya'

Tragedy

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Jalpa lalani 'Zoya'

Tragedy

वक़्त गुज़रता गया

वक़्त गुज़रता गया

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वक़्त गुज़रता गया और हमारे बीच दूरियाँ भी बढ़ती गईं,

दिल का ज़ख़्म गहरा हुआ और यादें नासूर सी बनती गईं।


तू हँसते हुए छोड़ गया, मेरी साँसें तिनका तिनका बिखर रही,

तेरी बातों से दिल बिलख उठा और धड़कन भी रुक सी गई।


ख़ुशी का वादा था किया और तोहफ़े में दे गया तू तन्हाई,

बदलते मौसम के साथ तू बदल गया, मैं वहीं ठहरी रह गई।



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