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Antariksha Saha

Tragedy Inspirational

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Antariksha Saha

Tragedy Inspirational

थक चुका हूँ माँ

थक चुका हूँ माँ

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थक चुका हूँ माँ

मुझे सोने दे

इस झूठे दुनिया से

पक चुका हूँ

मुझे अपने साथ ले ले

स्वार्थ से चलते लोग

मुखौटे पहने लोग

सरल पेड़ कटते जाते है

सरलता और मूर्खता में कोई भेद नहीं है

दुनिया में सबसे पाक तेरा प्यार है

सबसे कीमती तेरा साथ है

जो किस्मत वालों को नसीब होता है

मैं आ रहा हूँ माँ

मेरे लिए दाल भात बनाना

मेरे लिए इंतज़ार करना घर में

इस दुनिया में कितने पैसे बनाते हो

यह मतलब नहीं रखता

मतलब रखता है

कितने पक्के रिश्ते तुमने कमाए

कितने रोते चेहरे तुम्हारे जनाज़े में है 


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