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Antariksha Saha

Tragedy Inspirational


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Antariksha Saha

Tragedy Inspirational


थक चुका हूँ माँ

थक चुका हूँ माँ

1 min 240 1 min 240

थक चुका हूँ माँ

मुझे सोने दे

इस झूठे दुनिया से

पक चुका हूँ

मुझे अपने साथ ले ले

स्वार्थ से चलते लोग

मुखौटे पहने लोग

सरल पेड़ कटते जाते है

सरलता और मूर्खता में कोई भेद नहीं है

दुनिया में सबसे पाक तेरा प्यार है

सबसे कीमती तेरा साथ है

जो किस्मत वालों को नसीब होता है

मैं आ रहा हूँ माँ

मेरे लिए दाल भात बनाना

मेरे लिए इंतज़ार करना घर में

इस दुनिया में कितने पैसे बनाते हो

यह मतलब नहीं रखता

मतलब रखता है

कितने पक्के रिश्ते तुमने कमाए

कितने रोते चेहरे तुम्हारे जनाज़े में है 


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