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Ramesh Mendiratta

Tragedy

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Ramesh Mendiratta

Tragedy

सरकारी आधे सच की कहानी

सरकारी आधे सच की कहानी

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जब सरकार की आँखों में छुपे हैं राज,

और जनता की आँखों में बसे हैं सपने

जब वादे तोड़े जाते हैं बिना शर्म,

और जनता को बस देते हैं कुछ दाने


सरकारी आधा सच भयानक है,

जनता की आँखों में बसे हैं सपने


जब अधिकारी बढाते हैं अपनी ताक़त,

और जनता को बस दिया जाता है वादा

जब जनता की आवाज़ दबाई जाती है,

और सरकार की आँखों में छुपे हैं राज।


सरकारी आधा सच भयानक है,

जनता की आँखों में बसे हैं सपने


जब विकास की बातें बन जाती हैं जोक

और जनता को बस किया जाता है गुमराह,

जब वादे तोड़े जाते हैं बिना शर्म,

और सरकार की आँखों में छुपे हैं राज।


सरकारी आधा सच भयानक है,

जनता की आँखों में बसे हैं सपने

आधा सच भयानक है।



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