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Madhu Gupta "अपराजिता"

Fantasy Inspirational

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Madhu Gupta "अपराजिता"

Fantasy Inspirational

दोस्त

दोस्त

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दोस्त खुदा तो नहीं पर ख़ुदा का दूसरा नाम है । 

मिल जाए सच्चा दोस्त जिसे, वही तो मालामाल है।। 

यह रिश्ता नहीं खून का, मगर खून से भी बड़ा इनाम है। 

हर लिहाज से यह, रिश्ता वाकई लाजवाब है ।। 

 हाथ थाम कर चलना बस इसका यही काम है। 

मुसीबतों के वक्त ये करता दवाई का काम है।। 

दुश्मनों के बीच में खड़ा, यह सबसे बड़ा हथियार है। 

 बाल बांका ना कोई कर सके, जब साथ में ऐसा यार है।। 

 खुदा की नेमत ये, ये खुदा का ही यह उपहार है।

 सारथी सा खड़ा ये, संकटों में कृष्ण के समान है।। 

मशाल बन जल उठे घोर अंधेरा में साथ है। 

बुलंद है तकदीर उसकी जिसने पकड़ा यार का हाथ है।। 

सफर में वह हमसफर तूफानों में चट्टान है । 

मिला ले जब कदम से कदम हर मुश्किल आसान है।। 

हर खुशी से है जुदा, खुदा का दिलकश इनाम है। 

पाबंदियों से है परे, इसलिए हम खास है।। 

रखता जब कांधे पर हाथ तो भाई के समान है। 

लगाए जब जोर की डांट, तो पिता सा सरताज़ है ।। 

बोझिल कदमों की रफ्तार और हौसले का उम्मीदवार है।

हाथ थामे मुश्किलों में, खड़ा वो हमेशा तैयार है।। 

कर्ण सा मिल जाए जिसे दोस्त, तो ज़िंदगी नायाब है। 

जो हर परिस्थिति में सदा लड़ता, आखरी सांस तक तुम्हारे साथ है।। 

दोस्त के बीच की यही तो सबसे बेहतरीन बात है । 

अमीरी और गरीबी का ना यहां कोई जंजाल है।। 

झगड़ा और प्यार भी देखो दोनों साथ साथ है। 

फ़िर भी अक्स उनके दिखते आईने के समान है। । 



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